UP Board Result 2025: फेल होने पर क्या करें?
हर साल यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले लाखों छात्रों में कुछ ऐसे भी होते हैं जिनका रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक नहीं आता या वे फेल हो जाते हैं। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आगे बढ़ने के रास्ते रुक जाते हैं। UPMSP यानी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने छात्रों को दो प्रमुख विकल्प दिए हैं, ताकि वे अपने नंबर सुधार सकें और अगली क्लास में जा सकें।
सबसे पहले बात करें रीवैल्यूएशन की तो, अगर आपको लगता है कि आपकी कॉपी की जांच ठीक से नहीं हुई है या नंबर कम आए हैं, तो आप रीवैल्यूएशन यानी पुनर्मूल्यांकन करा सकते हैं। इसके लिए आपको ₹500 प्रति विषय की फीस देनी होगी। जब यूपी बोर्ड का रिजल्ट घोषित होता है, उसके बाद ही ये सुविधा शुरू होती है। फॉर्म और बाकी जरूरी जानकारी आपको upmsp.edu.in या upresults.nic.in जैसी आधिकारिक वेबसाइट पर मिलेगी।
कई बार छात्र कुछ एक-दो विषयों में फेल होते हैं। ऐसे स्टूडेंट्स के लिए कंपार्टमेंट एग्जाम का मौका दिया जाता है। यूपी बोर्ड हर साल कंपार्टमेंट यानी सुधार परीक्षा आयोजित करता है, जो इस बार जुलाई 2025 के आस-पास होने की संभावना है। इसमें वे छात्र शामिल हो सकते हैं जो सिर्फ एक या दो विषयों में फेल हुए हैं। कंपार्टमेंट एग्जाम में पास होकर आप नया मार्कशीट पा सकते हैं, जिससे आगे की पढ़ाई में कोई दिक्कत नहीं होगी।
रिजल्ट चेक करने और अफवाहों से बचने का तरीका
रिजल्ट देखने के लिए आपको सिर्फ आधिकारिक विकल्पों पर भरोसा करना चाहिए। कई बार छात्र नए-नए पोर्टल या सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के चक्कर में गुमराह हो जाते हैं, लेकिन यूपी बोर्ड ने साफ कहा है कि आपको upmsp.edu.in या upresults.nic.in जैसी विश्वसनीय वेबसाइट्स पर ही जाना है।UP Board का रिजल्ट SMS से भी मिल सकता है। इसके लिए मोबाइल से 'UP10' या 'UP12' स्पेस देकर अपना रोल नंबर 56263 पर भेजना होगा। रिजल्ट तुरंत आपके फोन पर आ जाएगा।
बोर्ड हर साल चेतावनी देता है कि फर्जी वेबसाइट्स या अफवाहों पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया पर जो तारीखें या अपडेट वायरल होते हैं, उनमें कई बार ग़लतियां होती हैं। अगर आपको रिजल्ट या सुधार परीक्षा से जुड़ी कोई जानकारी चाहिए, तो सिर्फ परीक्षा परिषद की वेबसाइट या विद्यालय से संपर्क करें।
फेल हुए छात्रों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। आपके पास UP Board द्वारा तय कई विकल्प हैं, जिनका इस्तेमाल कर आप आसानी से अपने अंक सुधारकर भविष्य में आगे बढ़ सकते हैं।
बस एक लाइन में: फेल हुए तो क्या हुआ, कंपार्टमेंट ले लो और आगे बढ़ जाओ।
मैंने अपने छोटे भाई को इस साल फेल होते देखा था, और वो बहुत डिप्रेस्ड रहा। लेकिन जब उसने रीवैल्यूएशन का फॉर्म भरा और एक विषय में कंपार्टमेंट दिया, तो उसका नंबर 15 अंक बढ़ गया। अब वो इंजीनियरिंग की तैयारी में लगा हुआ है। बस एक बात याद रखो-एक रिजल्ट आपकी पूरी जिंदगी नहीं बनाता, बस एक पड़ाव है। कई बार जो लोग फेल होते हैं, वो बाद में बहुत ज्यादा सफल हो जाते हैं क्योंकि उन्हें अपने आप को फिर से ढूंढना पड़ता है। ये तो बस एक अस्थायी रुकावट है, अंत नहीं।
अरे भाई ये सब बकवास है जो बोर्ड बोल रहा है 😴 रीवैल्यूएशन में 500 रुपये देकर भी नंबर नहीं बढ़ते... और कंपार्टमेंट? वो भी तो बस फॉर्मलिटी है 🤷♂️
अरे यार ये सब तो बोर्ड का धोखा है। रीवैल्यूएशन के बाद भी नंबर वैसे ही रहते हैं, बस तुम्हारा पैसा ले लिया जाता है। कंपार्टमेंट तो बस एक फॉर्मलिटी है जिसमें तुम्हें बार-बार फेल होना पड़ता है। असली जीत तो वो है जब तुम इन सब बकवासों से ऊपर उठ जाते हो।
मैं एक ट्यूटर हूँ और हर साल दर्जनों फेल हुए छात्रों को तैयार करती हूँ। रीवैल्यूएशन का असली फायदा तब होता है जब आपको लगता है कि आपकी कॉपी में कुछ जगह नंबर गायब हुए हैं। कई बार टीचर्स बस जल्दी में देख लेते हैं और कुछ चरण छूट जाते हैं। कंपार्टमेंट के लिए तो बस बेसिक्स पक्के कर लो, वो भी बहुत आसान होता है। ज्यादातर छात्र डर जाते हैं और बस नहीं देते। अगर आप बस थोड़ा मेहनत करें तो ये सब बहुत आसान है।
लोग फेल होने पर इतना डर जाते हैं कि उनका दिमाग ही बंद हो जाता है 😔 लेकिन ये तो बस एक एग्जाम है, जिंदगी नहीं। मैंने एक दोस्त को देखा जिसने 12वीं में फेल किया था, अब वो IAS बन गया है। जब तक तुम खुद को नहीं छोड़ते, तब तक कोई भी तुम्हें नहीं रोक सकता। बस एक बार रिजल्ट के बाद गहरी सांस लो, चाय पिओ, और फिर दोबारा शुरू करो। ये तो बस एक बाधा है, नहीं तो एक अंत।
क्या आपने कभी सोचा है कि ये सब रीवैल्यूएशन और कंपार्टमेंट... ये सब बस एक बड़ा धोखा है? जब तुम पैसे देते हो, तो बोर्ड तुम्हें थोड़ा बढ़ा देता है, ताकि तुम वापस आ जाओ... और फिर वो नया सिलेबस लाते हैं जिसमें तुम्हारा पुराना नंबर कुछ भी नहीं होता... ये सब एक सिस्टम है जो तुम्हें बार-बार बेकार का पैसा देने पर मजबूर करता है... और फिर तुम बोर्ड के लिए धन्यवाद करते हो... 😒
फेल हुआ? अच्छा हुआ। अब तुम्हें जिंदगी का सच पता चल गया।
हर साल ये बकवास चलती है। बोर्ड को तो बस फीस चाहिए, नहीं तो बच्चों का भविष्य। रीवैल्यूएशन में नंबर बढ़ते हैं तो बस 1-2 अंक, बाकी सब जमा हो जाता है बोर्ड के खाते में। कंपार्टमेंट तो बस एक फॉर्मलिटी है जहां तुम्हें अपनी गलतियों का बर्दाश्त करना पड़ता है। असली समस्या ये है कि हमारे शिक्षा सिस्टम में एक भी विकल्प नहीं है जो असली तौर पर बच्चों की मदद करे।
ये सब बकवास है। अगर तुम नहीं पास हुए तो तुम बेकार हो। रीवैल्यूएशन? बस बाहरी नंबर बढ़ाने का तरीका। कंपार्टमेंट? वो भी तो बस फॉर्मलिटी है। असली बात ये है कि तुमने नहीं पढ़ा। बोर्ड को ये सब फीस देने का तरीका बनाना है। अगर तुम नहीं पास हुए तो तुम्हारा भविष्य खत्म है।
यहाँ उचित रूप से निर्धारित शैक्षिक प्रक्रियाओं के बारे में बात करना एक अत्यंत गंभीर विषय है, जिसमें छात्रों के भविष्य को निर्धारित करने के लिए व्यापक नैतिक और संस्थागत जिम्मेदारियाँ शामिल हैं। अगर कोई छात्र अपने अंकों को बढ़ाने के लिए रीवैल्यूएशन के लिए आवेदन करता है, तो यह उसकी जिम्मेदारी का एक अत्यंत निर्णायक पहलू है। यह न केवल एक आर्थिक निवेश है, बल्कि एक शैक्षिक अभियान है।
फेल हुए? तो फिर से पढ़ो। कोई नहीं बचाएगा।