लोनावला में भूशी डैम जलप्रपात पर परिवार के तीन की मौत, दो लापता

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लोनावला में भूशी डैम जलप्रपात पर परिवार के तीन की मौत, दो लापता

लोनावला में भूशी डैम जलप्रपात पर परिवार के तीन की मौत, दो लापता

  • सुशीला गोस्वामी
  • 1 जुलाई 2024
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लोनावला में भूशी डैम जलप्रपात पर गंभीर हादसा

महाराष्ट्र के पुणे जिले के लोनावला में स्थित प्रसिद्ध भूशी डैम जलप्रपात पर शनिवार 30 जून को एक दर्दनाक हादसा घटित हुआ जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मृत्यु हो गई और दो बच्चों के लापता होने की खबर है। यह हादसा दोपहर लगभग 12:30 बजे हुआ जब परिवार के कुछ सदस्य जलप्रपात के पास मनोरंजन कर रहे थे।

तीन की मौत, दो लापता

इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में मरने वालों की पहचान शाहिस्ता अंसारी (36 वर्ष), अमीमा अंसारी (13 वर्ष) और उमैरा अंसारी (8 वर्ष) के रूप में हुई है। ये सभी पुणे के सय्यद नगर क्षेत्र के निवासी थे। इस हादसे में चार साल के अदनान अंसारी और नौ साल की मारिया सय्यद लापता हो गए हैं।

परिवार एक दिन की छुट्टी मनाने के लिए लोनावला आए थे और जलप्रपात की सुन्दरता का मजा ले रहे थे। जब परिवार के सदस्य जलप्रपात के पास पहुँच गए, तो उनमें से कुछ खेपदार धारा में बह गए। इन हादसों को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने जलप्रपात के पास चेतावनी संकेत भी लगाए हुए थे, लेकिन अत्यधिक उत्साह और लापरवाही के कारण यह दुखद घटना घटित हुई।

राहत कार्य में जुटी पुलिस

लोनावला पुलिस की टीम एवं आपातकालीन सेवाओं ने तात्कालिक राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। पुलिस अधीक्षक पंकज देशमुख ने बताया कि इस राहत कार्य में गोताखोरों की टीम भी शामिल थी जो बचाव अभियान में सक्रिय हैं।

रविवार को भी आदनान और मारिया की खोज जारी रही। स्थानीय निवासियों और प्रशासन ने सभी लोगों से अपील की है कि वे ऐसी प्राकृतिक जगहों पर सतर्क रहें और अपने परिवार की सुरक्षा पर ध्यान दें।

यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि प्राकृतिक आकर्षण बहुत ही सुन्दर होते हैं, लेकिन उनमें छिपे खतरों का ध्यान रखना भी आवश्यक है। प्रशासन इस प्रकार की घटनाओं से बचाव के लिए और भी कड़े कदम उठाने पर विचार कर रहा है।

स्थानीय समुदाय में शोक

इस हादसे ने पुणे के सय्यद नगर क्षेत्र में शोक की लहर पैदा कर दी है। परिवार के शेष सदस्य और स्थानीय लोगों में गहरा दुख है।

समाजसेवकों और स्थानीय नेताओं ने शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी और प्रशासन से अपील की कि ऐसी घटनाओं से बचाव के उपाय किए जाएं।

इस दुःखद घटना से एक बार फिर यह साबित होता है कि हमें प्राकृतिक जल स्त्रोतों के नजदीक जाते समय बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसी घटनाएं न केवल पीड़ित परिवार को बल्कि पूरी समाज को झकझोर देती हैं।

आवश्यक सावधानियाँ

यात्रियों को जलप्रपात और नदियों के पास जाते समय निम्नलिखित सावधानियाँ बरतनी आवश्यक होती हैं:

  • कभी भी चेतावनी संकेतों और स्थानीय प्रशासन की हिदायतों को नजरअंदाज न करें।
  • बच्चों को अत्यधिक जलधारा के पास न ले जाएं और हमेशा उनके साथ रहें।
  • जलप्रपात के पास गिरने के जोखिम को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सावधान रहें।
  • खेदजनक दुर्घटनाओं से बचाव के लिए समूह में यात्रा करें और किसी की जिम्मेदारी सुनिश्चित करें।

आशा है कि ऐसी घटनाओं से हम सीख कर भविष्य में और भी सतर्क रहेंगे और अपने प्रियजनों की सुरक्षा को प्राथमिकता देंगे।

लेखक के बारे में
सुशीला गोस्वामी

सुशीला गोस्वामी

लेखक

मैं एक न्यूज विशेषज्ञ हूँ और मैं दैनिक समाचार भारत के बारे में लिखना पसंद करती हूँ। मेरे लेखन में सत्यता और ताजगी को प्रमुखता मिलती है। जनता को महत्वपूर्ण जानकारी देने का मेरा प्रयास रहता है।

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