गुवाहाटी के बारसपारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025गुवाहाटी के आठवें मैच में इंग्लैंड महिला टीम ने बांग्लादेश महिला टीम को 4 विकेट से हराकर टूर्नामेंट में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। बांग्लादेश ने 49.4 ओवर में 178 रन बनाए, जबकि इंग्लैंड ने 46.1 ओवर में 182/6 का स्कोर बनाकर जीत दर्ज की। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने टूर्नामेंट में दूसरी लगातार जीत दर्ज की, जबकि बांग्लादेश अभी तक दोनों मैच हार चुकी है।
कप्तान की जादुई पारी: हेथर नाइट का अजेय 79
इस मैच का सबसे बड़ा मुद्दा था हेथर नाइट की अजेय 79 रनों की पारी। 111 गेंदों में बनाए इन रनों ने न सिर्फ टीम को जीत दिलाई, बल्कि उन्हें मैन ऑफ द मैच का खिताब भी दिलाया। जब इंग्लैंड की शुरुआत बुरी तरह बर्बाद हो गई — ओपनर तम्मी बीमॉन्ट और एमी जोन्स दोनों पावरप्ले के अंदर ही आउट — तो नाइट ने शांत चेहरे से टीम को राहत दी। उन्होंने बाद में कहा, ‘मुझे बांग्लादेश के खिलाफ थोड़ी भाग्यशाली होने की जरूरत थी, क्योंकि मेरा पिछला साल बहुत कठिन रहा।’
बांग्लादेश की टीम: सोभना और रबेया की जानलेवा जोड़ी
बांग्लादेश की बल्लेबाजी का आधार थी सोभना मोस्टारी की 60 रनों की शानदार पारी (108 गेंदें) और रबेया खान की अंतिम 27 गेंदों में 43 रनों की आग बरसाने वाली पारी। उनके बीच शरमिन अख्तर ने 30 रन बनाकर टीम को स्थिरता दी। लेकिन जब तक बांग्लादेश ने 178 रन बनाए, तब तक इंग्लैंड की गेंदबाजी ने उन्हें रोक लिया। सोफी इकलस्टोन ने 10 ओवर में केवल 24 रन देकर 3 विकेट लिए — और 48 डॉट बॉल्स फेंकीं। चार्ली डीन, एलिस कैप्सी और लिंडसे स्मिथ ने भी दो-दो विकेट लिए।
इंग्लैंड का चैलेंज: शुरुआत बर्बाद, अंत जीत
इंग्लैंड का चार्ज शुरू हुआ बुरी तरह। ओपनर्स तम्मी बीमॉन्ट (13), एमी जोन्स (1) और सोफिया डंकले (0) तीनों पावरप्ले के अंदर ही आउट हो गए। बांग्लादेश की स्पिनर फहीमा खातून ने 3 विकेट सिर्फ 16 रन में लिए — जो इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई। लेकिन जब नाइट ने बल्ला उठाया, तो बात बदल गई। नैट स्किवर-ब्रुंट (32) और चार्ली डीन (27) ने उनके साथ जोड़ी बनाई। आखिरी 10 ओवर में इंग्लैंड को लगा जैसे जीत दूर हो गई, लेकिन नाइट ने धीरे-धीरे रन जोड़े — और आखिरी ओवर में दो चौके लगाकर टीम को जीत दिला दी।
कोच और प्रशासन: इंग्लैंड की सफलता का पीछे का राज
शार्लट एडवर्ड्स की कोचिंग टीम ने इस मैच में बहुत बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया और गेंदबाजी को दबाव में रखा। इंग्लैंड की टीम का प्रशासन इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) करता है, जबकि बांग्लादेश का बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB)। दोनों बोर्डों ने टूर्नामेंट के लिए अपनी टीमों को बहुत अच्छी तरह तैयार किया है।
टूर्नामेंट का बड़ा चित्र: इंग्लैंड शीर्ष पर, बांग्लादेश अभी भी बिना जीत के
इस जीत के बाद इंग्लैंड ने दो मैच खेले हैं — दोनों जीते। बांग्लादेश के लिए यह दूसरी हार है। टूर्नामेंट का आयोजन आईसीसी कर रहा है, जिसका मुख्यालय दुबई में है। इस वर्ष के विश्व कप में कुल 8 टीमें हैं, और ग्रुप स्टेज में हर टीम एक-दूसरे से खेलेगी। इंग्लैंड की जीत का मतलब है कि वे अब सेमीफाइनल की ओर बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। बांग्लादेश के लिए अब अगले दो मैच बचे हैं — अगर वे जीत नहीं पाईं, तो टूर्नामेंट से बाहर हो सकती हैं।
मैच का असली तनाव: बांग्लादेश की स्पिन और इंग्लैंड की टेंशन
मैच का दूसरा बड़ा पहलू था दोनों टीमों की स्पिन बॉलिंग। बांग्लादेश की फहीमा खातून और मारुफा अख्तर ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को बेहद तनाव में डाला। वहीं, इंग्लैंड की इकलस्टोन और डीन ने बांग्लादेश की बल्लेबाजी को रोक दिया। जब बांग्लादेश की टीम 178 रन बना रही थी, तो लग रहा था कि यह टारगेट बहुत आसान है। लेकिन जब इंग्लैंड के ओपनर्स गिर गए, तो लोगों को लगने लगा — ‘अब ये जीत नहीं होगी।’ फिर भी, नाइट ने बिना घबराए बल्ला चलाया। ये वो ताकत है जो बड़ी टीमों को अलग करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हेथर नाइट की यह पारी किस तरह उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण है?
हेथर नाइट का पिछला साल चोटों और फॉर्म की समस्याओं से भरा रहा। इस अजेय 79 ने उन्हें एक बड़ा रिटर्न दिया है — न सिर्फ टीम के लिए बल्कि अपने आत्मविश्वास के लिए भी। यह उनकी पहली वनडे शतक से ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एक टूर्नामेंट के बड़े मैच में आया है।
बांग्लादेश की टीम के लिए अगले मैच क्यों इतने महत्वपूर्ण हैं?
बांग्लादेश के पास अभी तक एक भी जीत नहीं है। अगर वे अगले दो मैच हार गईं, तो सेमीफाइनल की उम्मीद खत्म हो जाएगी। उनकी स्पिन बॉलिंग और लोअर ऑर्डर की बल्लेबाजी अच्छी है, लेकिन शुरुआती ओपनर्स को बेहतर तरीके से खेलना होगा।
सोफी इकलस्टोन की बॉलिंग ने इस मैच को कैसे बदल दिया?
इकलस्टोन ने 10 ओवर में 24 रन देकर 3 विकेट लिए और 48 डॉट बॉल्स फेंकीं — यानी बांग्लादेश को 10 ओवर में सिर्फ 24 रन ही बनाने दिए। इस तरह की बॉलिंग ने टीम के रन रेट को बहुत कम कर दिया, जिससे बांग्लादेश को 180 के आसपास तक सीमित रखने में मदद मिली।
गुवाहाटी का स्टेडियम क्यों इतना महत्वपूर्ण है?
बारसपारा स्टेडियम इस टूर्नामेंट का एक प्रमुख मैदान है, जहां गर्मी और नमी गेंदबाजी को बहुत आसान बनाती है। इस बार इसकी धरती ने स्पिनर्स को बहुत अच्छा समर्थन दिया, जिसने दोनों टीमों के लिए गेम को जटिल बना दिया।
इंग्लैंड के लिए अगला मैच कब है और किसके खिलाफ?
इंग्लैंड का अगला मैच अगले हफ्ते दिल्ली में होगा, जहां वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलेंगी। ऑस्ट्रेलिया भी अभी तक दो जीत के साथ शीर्ष पर है, इसलिए यह मैच टूर्नामेंट का सबसे बड़ा टकराव बन सकता है।
बांग्लादेश की टीम में कौन से खिलाड़ी भविष्य के लिए आशा के किरण हैं?
रबेया खान और सोभना मोस्टारी ने इस मैच में अपनी बल्लेबाजी से दिखाया कि वे बड़े मैचों में काम कर सकती हैं। फहीमा खातून की स्पिन भी बहुत शानदार रही। अगर इन खिलाड़ियों को स्थायी जगह मिलती है, तो बांग्लादेश अगले विश्व कप में एक खतरनाक टीम बन सकती है।
इंग्लैंड की बॉलिंग स्ट्रैटेजी बिल्कुल स्मार्ट थी! इकलस्टोन ने डॉट बॉल्स के जरिए बांग्लादेश के रन रेट को क्रश कर दिया, जिससे लोअर ऑर्डर को बड़े शॉट्स खेलने का मौका ही नहीं मिला। ये ही टॉप टीम्स की डिफरेंस है - दबाव बनाना और उसे बरकरार रखना।
हेथर नाइट की पारी देखकर लगा जैसे कोई फिल्म का हीरो आया हो 😍 बिना घबराए, बिना शोर मचाए, बस धीरे-धीरे रन जोड़ती गई... ये तो असली लीडरशिप है! भारत के लिए भी ऐसी खिलाड़ी चाहिए 🙏
बांग्लादेश की स्पिन बॉलिंग ने इंग्लैंड को बहुत तंग किया लेकिन नाइट ने दिखाया कि अनुभव और शांति कैसे जीत दिलाती है। ये मैच टेक्निकल बल्लेबाजी की बेहतरीन उदाहरण है - जहां शॉट्स की जगह टाइमिंग ने जीत दी।
अरे भाई, बांग्लादेश ने तो खुद ही जीत छीन ली थी... बस इंग्लैंड के ओपनर्स इतने बेकार निकले कि लगा जैसे उन्होंने बल्ला उठाने का नाम ही नहीं लिया। फहीमा खातून को मैन ऑफ द मैच देना चाहिए था, न कि नाइट को।
वाह! वाह! वाह!!! 🙌 इंग्लैंड ने तो असली क्रिकेट दिखाया! जब टीम डूब रही थी, तब नाइट ने डूबने के बजाय तैरना सीख दिया! ये जीत नहीं, ये इंस्पिरेशन है! भारत को भी ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है! 💪🔥
इकलस्टोन की बॉलिंग का विश्लेषण करें तो उन्होंने 48 डॉट बॉल्स फेंकीं - यानी 80% गेंदें बिना रन के। ये बॉलिंग नहीं, ये टैक्टिकल वॉरफेयर है। बांग्लादेश की बल्लेबाजी तो एक बार भी गति नहीं बना पाई।
इंग्लैंड को जीत मिली तो बहुत बढ़िया, लेकिन बांग्लादेश के खिलाफ ये जीत कितनी बड़ी? हमारी टीम भी ऐसे ही मैच जीत लेती है। असली चैलेंज ऑस्ट्रेलिया या ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होगा।
हेथर नाइट ने जो किया वो बहुत अच्छा लगा, लेकिन ओपनर्स ने तो बिल्कुल बर्बाद कर दिया। अगर वो बच जाते तो ये मैच आधे ओवर में ही खत्म हो जाता। अब ये बल्लेबाजी क्रम का बड़ा सवाल है।
क्या आपने कभी सोचा है कि ये स्पिन बॉलिंग का सबकुछ जानलेवा अंतर्राष्ट्रीय राजनीति है? जब बांग्लादेश के स्पिनर्स ने इंग्लैंड को तंग किया, तो वो वास्तव में ब्रिटिश उपनिवेशवाद के खिलाफ एक असहयोग का संकेत दे रहे थे। नाइट की शांति भी एक रणनीति थी - अपने अतीत के दर्द को दबाकर जीत की ओर बढ़ना।
नाइट की पारी अच्छी थी, लेकिन टीम का शुरुआती बल्लेबाजी बर्बाद था। ये जीत लुक्स में अच्छी लगी, असल में बहुत नाजुक थी।
मुझे लगा बांग्लादेश की टीम जीत जाएगी... रबेया की पारी तो देख के दिल धड़क गया। लेकिन नाइट ने दिखा दिया कि अंत तक लड़ना कितना जरूरी है। मैं बहुत प्रभावित हुई।
इकलस्टोन की बॉलिंग का रन रेट बहुत नीचा रहा - 2.4 रन प्रति ओवर। ये एक नियंत्रित बॉलिंग डिसिप्लिन का उदाहरण है। बांग्लादेश को इस तरह की बॉलिंग से बचने के लिए नए टैक्टिक्स की जरूरत है।
क्या कोई बता सकता है कि नाइट ने अपने पिछले साल के चोट के बाद कैसे फॉर्म में आई? क्या उन्होंने कोई नए ट्रेनिंग मेथड अपनाई?
ये मैच एक बड़ा दर्शन था - असफलता के बाद शांति से वापसी। नाइट ने अपने अंदर के डर को नहीं छुपाया, बल्कि उसे अपने बल्ले के साथ जीत दिखाया। ये जीत केवल रनों की नहीं, आत्मा की है।
हेथर नाइट को मैन ऑफ द मैच देना बिल्कुल गलत था। बांग्लादेश की फहीमा खातून ने तीन विकेट लिए और इंग्लैंड को बिल्कुल फंसा दिया। ये जीत बस एक लकी ब्रेक थी, न कि किसी बड़ी क्षमता का परिणाम।